सरकारी मशीनरी को आधुनिक बनाने और युवा पेशेवरों को तराशने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने एक बड़ी पहल की है। 19 जून, 2023 को iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 'दक्षता' (Dakshta) नाम से एक विशेष कोर्स कलेक्शन लॉन्च किया गया, जिसका मकसद सरकारी कामकाज में लगे युवाओं के नजरिए, ज्ञान और कौशल को पूरी तरह बदलना है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब सरकार केवल अनुभव पर नहीं, बल्कि डेटा और आधुनिक स्किल्स के आधार पर शासन चलाने की तैयारी कर रही है।
दरअसल, 'दक्षता' का पूरा नाम 'डेवलपमेंट ऑफ एटीट्यूड, नॉलेज, स्किल फॉर होलिस्टिक ट्रांसफॉर्मेशन इन एडमिनिस्ट्रेशन' है। यह कोई साधारण ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं है, बल्कि एक ऐसा क्यूरेटेड सेट है जिसे विशेष रूप से उन यंग प्रोफेशनल्स और कंसल्टेंट्स के लिए तैयार किया गया है जो विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब तक सरकारी ट्रेनिंग का मतलब अक्सर लंबे और उबाऊ लेक्चर होते थे, लेकिन इस बार डिजिटल लर्निंग के जरिए इसे काफी दिलचस्प बनाने की कोशिश की गई है।
iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म: डिजिटल लर्निंग का नया केंद्र
इस पूरे अभियान की रीढ़ iGOT कर्मयोगी (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म है। यह पोर्टल केवल वीडियो देखने की जगह नहीं है, बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम है। यहाँ छह फंक्शनल हब बनाए गए हैं, जहाँ ऑनलाइन लर्निंग से लेकर कॉम्पिटेंसी मैनेजमेंट, करियर प्लानिंग, चर्चाएं और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इस प्लेटफॉर्म का प्रबंधन कर्मयोगी भारत नामक एक सरकारी गैर-लाभकारी संगठन द्वारा किया जा रहा है, जो कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है। यहाँ की खास बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म सीखने वाले की क्षमता के अनुसार उसे गाइड करता है, ताकि वह अपनी भूमिका में अधिक प्रभावी हो सके।
'दक्षता' कलेक्शन के 18 कोर्स और उनकी खासियतें
इस कलेक्शन में कुल 18 कोर्स शामिल किए गए हैं, जो फंक्शनल, डोमेन और व्यवहारिक दक्षताओं (Behavioural Competencies) को बढ़ाने पर केंद्रित हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये कोर्स केवल सरकारी विभागों ने नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी कंपनियों और प्रतिष्ठित संस्थानों ने मिलकर तैयार किए हैं।
कोर्स की सूची पर नजर डालें तो पता चलता है कि इसमें तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं का संतुलन है। उदाहरण के लिए, Microsoft ने 'एडवांस पावरपॉइंट' और 'एडवांस एक्सेल' जैसे कोर्स डिजाइन किए हैं, जो आज के समय में किसी भी अधिकारी के लिए जरूरी हैं। वहीं, IIM-B (भारतीय प्रबंधन संस्थान बैंगलोर) ने 'इफेक्टिव कम्युनिकेशन' पर जोर दिया है।
इसके अलावा, कुछ अन्य महत्वपूर्ण कोर्स इस प्रकार हैं:
- डेटा-ड्रिवन डिसीजन मेकिंग: इसे वधवानी फाउंडेशन ने विकसित किया है, ताकि फैसले तथ्यों पर आधारित हों।
- पब्लिक पॉलिसी रिसर्च: IIPA (भारतीय लोक प्रशासन संस्थान) द्वारा तैयार किया गया यह मॉड्यूल नीति निर्माण की बारीकियां सिखाता है।
- मिशन LiFE: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा तैयार यह कोर्स टिकाऊ जीवन शैली पर केंद्रित है।
- तनाव प्रबंधन: DoPT द्वारा विकसित यह कोर्स अधिकारियों को काम के दबाव के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना सिखाता है।
NITI Aayog में जमीनी स्तर पर असर
यह प्रोग्राम केवल कागजों पर नहीं है। वर्तमान में NITI Aayog (राष्ट्रीय भारत transforming संस्थान) के करीब 40 युवा पेशेवर और सलाहकार इस 'दक्षता' कलेक्शन के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से इंडक्शन ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह एक तरह का पायलट प्रोजेक्ट जैसा है, जिससे यह पता चलेगा कि नए युवाओं को सरकारी सिस्टम में ढलने में कितनी मदद मिल रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी का मानना है कि जब युवा पेशेवर तकनीकी रूप से दक्ष होंगे, तो सरकारी फाइलों का निपटान तेजी से होगा और नीतियों का कार्यान्वयन अधिक सटीक होगा। (हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह डिजिटल बदलाव पुराने ढर्रे पर चलने वाली नौकरशाही को पूरी तरह बदल पाएगा)।
भविष्य की राह और व्यापक प्रभाव
इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव यह होगा कि अब सरकारी कंसल्टेंट्स को काम सीखने के लिए केवल अपने वरिष्ठों के भरोसे नहीं रहना होगा। उनके पास एक मानकीकृत (Standardized) ज्ञान का स्रोत होगा। यह कदम भारत की 'मिशन कर्मयोगी' योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सिविल सेवा को अधिक रचनात्मक, प्रोग्रेसिव और तकनीक-प्रेमी बनाना है।
आने वाले समय में उम्मीद है कि इस तरह के और भी विशेष कोर्स जोड़े जाएंगे। यह न केवल दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी पैदा करेगा, क्योंकि उनके कौशल का मूल्यांकन अब डेटा के आधार पर किया जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
'दक्षता' कोर्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत युवा पेशेवरों और सलाहकारों के व्यवहार, ज्ञान और कौशल को विकसित करना है। यह उन्हें डेटा-आधारित निर्णय लेने, प्रभावी संचार और आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निपुण बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म का उपयोग कौन कर सकता है?
यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से सरकारी अधिकारियों, युवा पेशेवरों और सरकारी तंत्र से जुड़े कंसल्टेंट्स के लिए है। इसका लक्ष्य क्षमता निर्माण (Capacity Building) के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों को अधिक कुशल बनाना है।
इस कोर्स कलेक्शन में कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं?
इसमें Microsoft, IIM-B, वधवानी फाउंडेशन, IIPA और विभिन्न सरकारी मंत्रालयों जैसे पर्यावरण मंत्रालय और DoPT के द्वारा विकसित कोर्स शामिल हैं। यह निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और सरकारी अनुभव का एक अनूठा मिश्रण है।
क्या यह ट्रेनिंग अनिवार्य है?
हालांकि यह प्लेटफॉर्म सभी के लिए उपलब्ध है, लेकिन NITI Aayog जैसे संस्थानों में इसे इंडक्शन ट्रेनिंग के हिस्से के रूप में लागू किया गया है। यह नए पेशेवरों के लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका के रूप में कार्य कर रहा है।
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