मातृ दिवस 2024: इसका इतिहास, महत्व और भारत में उत्सव के विशेष तरीके
2024 का मातृ दिवस 12 मई को मनाया जा रहा है, यह एक विशेष दिवस है जिसमें भारत सहित पूरी दुनिया अपनी माँओं के प्रेम, त्याग और सहायता के लिए कृतज्ञता व्यक्त करती है।
और पढ़ेंक्या आप जानते हैं कि जो दिन आज हम "मदर्स डे" के रूप में मनाते हैं, उसकी शुरुआत एक बेटी के जीते-जागते दर्द और जज्बे से हुई थी? अन्ना जार्विस ने अपनी मां की याद में और मातृत्व की कदर बढ़ाने के लिए यह आंदोलन शुरू किया था। उनके इरादे काफी व्यक्तिगत और भावुक थे — व्यावसायिकता नहीं, सम्मान और श्रद्धा थी।
अन्ना जार्विस का जन्म 1864 में हुआ था। उनकी मां, अनर्स्टिया जार्विस, सामाजिक कार्यकर्ता थीं और उन्होंने माताओं के कल्याण पर काम किया। 1905 में उनकी मां की मौत के बाद अन्ना ने एक समारोह कराने का फैसला किया, ताकि लोगों को माताओं की सेवा और बलिदान की याद दिलाई जा सके।
1908 में पहली बार अन्ना ने वेस्ट वर्जीनिया में चर्च में माताओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया। यह छोटा कदम तेज़ी से फैल गया और 1914 में अमेरिकी कांग्रेस ने मई के दूसरे रविवार को राष्ट्रीय मदर्स डे घोषित कर दिया।
दिलचस्प बात यह है कि अन्ना खुद बाद में मदर्स डे के व्यावसायिक रूप से बदलने के खिलाफ हो गईं। उन्होंने फूलों और ग्रीटिंग कार्ड उद्योग के बढ़ते प्रभाव को देखा और सार्वजनिक रूप से इसका विरोध किया। उन्होंने कानूनें और अभियान भी चलाए ताकि मदर्स डे मूल भाव में बना रहे — व्यक्तिगत, श्रद्धास्पद और उपयुक्त।
अगर आप असल अन्ना जार्विस के मकसद को अपनाना चाहते हैं, तो खर्चीली चीज़ों की जगह दिल से कुछ करें। एक हाथ से लिखा कार्ड, समय देना, मां की पसंद की किताब पढ़ना या उनके साथ पुरानी कहानियाँ साझा करना — ये छोटे काम असल में बड़ा असर करते हैं।
चंद व्यावहारिक सुझाव: सुबह का समय साथ बिताइए, सोशल मीडिया पोस्ट से पहले निजी संदेश भेजें, और अगर गिफ्ट खरीदना है तो स्थानीय और हैंडीमेड उत्पाद चुनें। बड़े-ठाठ विज्ञापनों की जगह सच्ची बात कहने वाली तवज्जो रखें।
ब्रांड समाचार पर "अन्ना जार्विस" टैग उन लेखों को जोड़ेगा जो मदर्स डे के इतिहास, स्थानीय कार्यक्रमों, मातृत्व पर रिपोर्ट और त्योहार के आसपास उठने वाले विवादों को कवर करते हैं। यदि आप मदर्स डे से जुड़ी कोई खबर, कार्यक्रम या विचार साझा करना चाहते हैं, तो इसी टैग के जरिए पाठक उसे ढूंढ पाएँगे।
अंत में, अन्ना की कहानी हमें याद दिलाती है: त्योहारों की असल अहमियत उनका अर्थ है, न कि सिर्फ खरीददारी। इस टैग के नीचे आप मदर्स डे की सच्ची बातें, घटनाएँ और सुझाव पाएँगे — वही कुछ जो अन्ना चाहती थीं।
2024 का मातृ दिवस 12 मई को मनाया जा रहा है, यह एक विशेष दिवस है जिसमें भारत सहित पूरी दुनिया अपनी माँओं के प्रेम, त्याग और सहायता के लिए कृतज्ञता व्यक्त करती है।
और पढ़ें