फिल्म समीक्षा - ईमानदार और साफ़ राय

हर महीने नई फिल्म देखने की लिस्ट लंबी हो जाती है। पर कौन-सी फिल्म देखने लायक है और किसे छोड़ देना चाहिए? यहां "फिल्म समीक्षा" टैग पर हम वही बताते हैं: छोटी, साफ और सीधे-सादे रिव्यू जो आपके फैसले में मदद करें। हमारे रिव्यू थिएटर और OTT दोनों के लिए होते हैं, और हर रिव्यू में स्पॉइलर-फ्री सार पहले दिया जाता है।

हमारी कोशिश रहती है कि पढ़ने वाले को तुरन्त समझ आ जाए—कहानी काम करती है या नहीं, एक्टिंग कैसी है, डायरेक्शन कितना मजबूत है और फिल्म का मौलिकता स्तर क्या है। अगर आप जल्दी में हैं तो हमारा रेटिंग बॉक्स पढ़ लें; विस्तार में जाना हो तो पूरा रिव्यू पढ़िए।

कैसे पढ़ें हमारी फिल्म समीक्षा

हमारे रिव्यू को समझना आसान है। हर रिव्यू में ये हिस्से मिलेंगे:

  • स्पॉइलर-फ्री सार: फिल्म का निचोड़ बिना खुलासा किए।
  • कहानी और पटकथा: प्लॉट कितना मजबूत है, ट्विस्ट्स क्या असर करते हैं।
  • अभिनय: मुख्य कलाकार और सपोर्टिंग कलाकारों का प्रदर्शन।
  • डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले: कहानी को दिखाने का तरीका और फिल्म की रफ्तार।
  • तकनीकी पहलू: कैमरा, एडिटिंग, साउंड और म्यूज़िक का योगदान।
  • किसे सुझाएँ: परिवार, कॉमेडी प्रेमी, या सिर्फ सिनेफाइल—कौन किसे देखें।

रिव्यू पढ़ते समय नोट करें कि हमारी राय व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित होती है, पर हम कोशिश करते हैं कि वह रोबोटिक न हो—सीधे बोलें, मुद्दे पर आएं और आपको फैसला करने लायक जानकारी दें।

हमारी रेटिंग क्या बताती है

हम 1 से 5 स्टार तक रेटिंग देते हैं। यह रेटिंग कहानी, अभिनय और तकनीक का संयुक्त संकेत है। 5 स्टार मतलब ज़रूर देखें; 4 स्टार मतलब बहुत अच्छी है, पर छोटे मुद्दे हैं; 3 स्टार मतलब औसत—किसी के लिए पास हो सकती है; 2 या 1 स्टार मतलब समय बचाइए। रेटिंग के साथ हम छोटे-छोटे नोट भी देते हैं—जैसे "परिवार के साथ ठीक" या "सिर-टूट एक्सपिरियंस"—ताकि आपको पता चल जाए कि आपकी प्राथमिकता क्या है।

अगर आप स्पॉइलर पढ़ना चाहते हैं तो रिव्यू में स्पॉइलर सेक्शन होते हैं जिन्हें हम स्पष्टरूप से मार्क करते हैं। नहीं पढ़ना चाहते तो सिर्फ शुरुआत और रेटिंग पढ़ लें।

फिल्म समीक्षा टैग पर नए रिव्यू नियमित आते हैं—बॉलीवुड, साउथ, अंतरराष्ट्रीय और OTT रिलीज़ सब शामिल हैं। नोटिफिकेशन ऑन करें, ताकि जब कोई रिव्यू आए आप पहला जान सकें। आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए मायने रखती है, इसलिए रिव्यू के नीचे कमेंट में बताइए कि आप किस फिल्म के बारे में जानना चाहते हैं।

एम. नाइट श्यामलान की फिल्म 'Trap' समीक्षा: निराशा से तबाही की ओर

एम. नाइट श्यामलान की फिल्म 'Trap' समीक्षा: निराशा से तबाही की ओर

फिल्म समीक्षक पीटर ट्रैवर्स ने एम. नाइट श्यामलान की थ्रिलर फिल्म 'Trap' की समीक्षा की है, जिसमें निराशा से तबाही की ओर जाने वाली कहानी को दिखाया गया है। यह फिल्म श्यामलान के पूर्व फिल्मों जैसे 'The Sixth Sense' और 'Signs' की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती। फिल्म में जोश हार्टनेट ने एक सीरियल किलर का किरदार निभाया है, लेकिन प्लॉट में कई खामियां हैं।

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