समाज: वेंदाप्रिया और सांप बचाव की प्रेरक कहानी

क्या आपने कभी सोचा है कि एक इंसान अकेले किस तरह समाज में बदलाव ला सकता है? 24-वर्षीय वेंदाप्रिया गणेशन ने अपने काम और हिम्मत से यही दिखाया। एक निजी संगठन के साथ काम करते हुए उन्होंने अब तक 6,000 से ज्यादा सांपों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ये संख्या सिर्फ आंकड़ा नहीं — यह हमारी सोच और प्रकृति के साथ संबंध का आईना है।

वेंदाप्रिया का काम कैसे होता है?

वेंदाप्रिया फील्ड पर सीधे जाती हैं। जब किसी गांव या शहर में सांप दिखाई देते हैं, तो लोग अक्सर घबरा जाते हैं और उसे मार देने पर उतारू हो जाते हैं। वह पहले स्थिति को शांत करती हैं, आसपास वालों को समझाती हैं और फिर सुरक्षित तरीके से सांप को पकड़ कर रिहैबिलिटेशन या सुरक्षित स्थान पर छोड़ देती हैं। उनका तरीका तेज, सटीक और लोगों को शिक्षित करने वाला है।

उनकी टीम में उपकरण, सुरक्षित कैरी बॉक्स और प्राथमिक सहायता के साधन होते हैं। हर केस के बाद वे उस इलाके में लोगों को बताती हैं कि कैसे भविष्य में सुरक्षित रहना है। इससे ना सिर्फ सांप बचते हैं, बल्कि अनावश्यक भय भी घटता है।

समाज के लिए क्या मायने रखता है?

यह काम सिर्फ जीव बचाने तक सीमित नहीं। यह समाज के व्यवहार, ज्ञान और जिम्मेदारी को बदलता है। जब लोग समझते हैं कि सांप का अपना प्राकृतिक स्थान है और इंसान उसका घर नहीं छीनना चाहिए, तो संघर्ष कम होता है। वेंदाप्रिया जैसी कहानियां बच्चों और युवा वर्ग को भी प्रभावित करती हैं — कई लोग अब वन्यजीव संरक्षण में रुचि ले रहे हैं या स्थानीय बचाव टीमों से जुड़ रहे हैं।

आप क्या कर सकते हैं? सबसे पहले घबराना बंद करें। अगर आप सांप देखते हैं तो दूरी बनाए रखें और मोबाइल से फोटो लेकर स्थानीय वन्यजीव या बचाव सेवा को बुलाएं। घर के आसपास कूड़ा-करकट न होने दें, चूहों पर नियंत्रण रखें क्योंकि वे सांपों को आकर्षित करते हैं। यदि संभव हो तो स्थानीय बचाव नंबर अपने फोन में सेव कर लें। ये छोटे कदम बड़ा फर्क डालते हैं।

समाज के तौर पर हमें चाहिए कि हम ऐसे कामों की सराहना करें और प्रभावित लोगों का साथ दें। वेंदाप्रिया की कहानी एक संकेत है कि बदलती सोच से जानें बचती हैं और मनुष्यों के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहता है। अगले बार जब आप किसी असामान्य स्थिति में हों, तो त्वरित प्रतिक्रिया के बजाय समझदारी दिखाइए। यह समाज बनने का तरीका है।

अगर आप वेंदाप्रिया की पूरी रिपोर्ट पढ़ना चाहते हैं या इस तरह की और कहानियां देखना चाहते हैं, तो ब्रांड समाचार के समाज सेक्शन को फॉलो करें। यहां आप ऐसे और उदाहरण, लोकल रिपोर्ट और मदद के टिप्स पाएंगे।

24-वर्षीय महिला ने 6,000 से अधिक सांपों को बचाया: एक प्रेरक कहानी

24-वर्षीय महिला ने 6,000 से अधिक सांपों को बचाया: एक प्रेरक कहानी

24 वर्षीय वेंदाप्रिया गणेशन, जो एक निजी संगठन में वन्यजीव संरक्षण पर काम करती हैं, ने अपने करियर में 6,000 से अधिक सांपों को बचाया है। यह उनकी वन्यजीव और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

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