कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में 15 फरवरी 2026 को खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के समूह ए के मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 175 के लक्ष्य के लिए खड़ा कर दिया — और उसके बाद इशान किशन के अद्भुत 77 रनों ने इस मैच को ऐतिहासिक बना दिया। यह मैच सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दोनों देशों के लाखों दर्शकों के लिए एक सांस्कृतिक घटना था, जिसका अनुमानित मूल्य 567 करोड़ रुपये था। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बल्लेबाजी करने का फैसला करने में कोई दुःख नहीं महसूस किया। और फिर आया वो पल — जब इशान किशन ने गेंदबाजी को बर्बाद कर दिया।
इशान किशन का तूफान: 40 गेंदों में 77 रन, युवराज का रिकॉर्ड तोड़ा
इशान किशन ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, वह एक नए नियम की शुरुआत थी। आर्द्र कोलंबो की हवा में उन्होंने 27 गेंदों में पहला अर्धशतक लगाया — युवराज सिंह के पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर। उनकी बल्लेबाजी एक बिजली की तरह थी: शाहीन अफ्रीदी की पहली गेंद पर छक्का, दूसरी पर चौका। उन्होंने 40 गेंदों में 77 रन बनाए, जिसमें 8 छक्के और 5 चौके शामिल थे। इस तरह उन्होंने गौतम गंभीर के 2007 के 75 रनों को पीछे छोड़ दिया और भारत-पाकिस्तान के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चौथे स्थान पर अपना नाम दर्ज कर लिया।
किशन का यह स्कोर विराट कोहली के 2022 मेलबर्न में बनाए गए 82* रनों से केवल 5 रन कम था। वहीं, कोहली का 2012 कोलंबो में 78* रनों का प्रदर्शन भी उनके रास्ते में था। इस तरह भारत-पाकिस्तान टी20आई में शीर्ष पांच स्कोर इस प्रकार हैं: 82* (विराट कोहली, 2022), 79* (मोहम्मद रिजवान, 2021), 78* (विराट कोहली, 2012), 77 (इशान किशन, 2026), 75 (गौतम गंभीर, 2007)।
भारत का रिकॉर्ड 175: टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर
इशान के बाद भी भारत की बल्लेबाजी लगातार जारी रही। अबिषेक शर्मा के शुरुआती डक ने थोड़ा शिकंजा लगाया, लेकिन तिलक वर्मा और किशन के बीच 29 रनों की भागीदारी ने मैच को संतुलित रखा। सूर्यकुमार यादव ने अपने तरीके से गेम को नियंत्रित किया, हार्दिक पांड्या ने आखिरी 3 ओवरों में 34 रन जड़ दिए। रिंकू सिंह और शिवम दूबे ने भी अपना योगदान दिया। अंततः भारत ने 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए — यह टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा स्कोर है।
पाकिस्तान की चुनौती: बिना कोहली और रोहित के एक अनोखा मुकाबला
यह पहली बार था जब 2007 के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप मैच में न तो विराट कोहली थे और न ही रोहित शर्मा। इसका मतलब था कि दोनों टीमों के नए नेता अपनी बारी के लिए तैयार थे। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अघा ने अपनी टीम को बरकरार रखने का फैसला किया, जबकि भारत ने दोनों टीमों के बीच लगातार चल रहे हाथ मिलाने के नियम को नजरअंदाज कर दिया — यह नीति पिछले साल के एशिया कप से शुरू हुई थी।
पाकिस्तान की बल्लेबाजी में बाबर अजम और शादाब खान ने अच्छा स्टार्ट किया, लेकिन एक्सर पटेल और कुलदीप यादव की स्पिन ने उन्हें फंसा दिया। शाहीन शाह अफ्रीदी ने दो विकेट लिए, लेकिन अब वह भी उस दबाव के बाहर थे जो भारत की गेंदबाजी ने बना दिया था। अंत में पाकिस्तान 162 रन पर ढेर हो गया — 13 रनों की हार।
इतिहास और आंकड़े: भारत की अहम वर्चस्व
टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक 16 मुकाबले हुए हैं। भारत ने 12 जीते, पाकिस्तान को सिर्फ 3 जीत मिली और एक मैच ड्रॉ रहा। इस बार की जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ लगातार पांच टी20आई मैच जीत लिए — अंतिम हार सितंबर 2022 में हुई थी।
कोलंबो के र. प्रेमदासा स्टेडियम में तीन पिछले विश्व कप मैच हुए हैं, और उनमें से हर एक में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीत गई। इस बार भी वही चला — भारत ने पहले बल्लेबाजी की और जीत दर्ज की।
क्या अब भारत का रास्ता आसान हो गया?
इस जीत के साथ भारत ने समूह ए में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। दो जीत के साथ चार अंक और बेहतर नेट रन रेट के साथ भारत अब शीर्ष पर है। पाकिस्तान के लिए अब अगले मैच में जीत जरूरी है — वरना वे अंतिम चरण से बाहर हो सकते हैं। भारत के लिए अब तक का सबसे बड़ा दबाव तो खत्म हो गया, लेकिन अब दुनिया की नजरें उन पर हैं। क्या इशान किशन अब टीम का नया हीरो बन गया है? क्या उनकी बल्लेबाजी आगे के मैचों में भी दिखेगी?
क्या यह एक नए युग की शुरुआत है?
2007 के बाद पहली बार भारत की टीम में कोहली और रोहित नहीं हैं। लेकिन इशान किशन ने दिखाया कि नई पीढ़ी तैयार है। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ एक मैच जीता, बल्कि एक भावना को भी जगाया — यह टीम अब अपने नाम से जुड़ी है। यह नहीं कि विराट या रोहित के बिना भारत कमजोर है, बल्कि यह है कि वे अब अपने नाम से जुड़े हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इशान किशन के 77 रन किस तरह युवराज सिंह के रिकॉर्ड को पार कर गए?
इशान किशन ने 27 गेंदों में अर्धशतक लगाया, जबकि युवराज सिंह का पिछला रिकॉर्ड 29 गेंदों में अर्धशतक था। यह सिर्फ रनों का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि तेजी और दबाव में बल्लेबाजी का रिकॉर्ड था। उन्होंने शाहीन अफ्रीदी के पहले दो गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर तुरंत दबाव बनाया, जो युवराज के समय में नहीं हुआ था।
भारत-पाकिस्तान के टी20 विश्व कप मैचों में भारत की जीत का रिकॉर्ड क्या है?
टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 16 मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने 12 जीत दर्ज की हैं। पाकिस्तान को सिर्फ 3 जीत मिली है और एक मैच ड्रॉ रहा। इस बार की जीत के साथ भारत ने अपने पिछले पांच टी20आई मैचों में पाकिस्तान को हराया है — अंतिम हार सितंबर 2022 में हुई थी।
इशान किशन का यह प्रदर्शन किस अन्य बल्लेबाज के रिकॉर्ड के करीब था?
इशान किशन के 77 रन विराट कोहली के 2022 मेलबर्न में बनाए गए 82* रनों से केवल 5 रन कम थे। वहीं, कोहली का 2012 कोलंबो में 78* रनों का प्रदर्शन भी उनके रास्ते में था। यह रिकॉर्ड बनाने वाले दोनों बल्लेबाज इस टीम के पूर्व नेता थे — इशान ने अपने नाम से उनकी छाप को अपनाया।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाथ मिलाने का नियम क्यों नहीं हुआ?
यह नियम पिछले साल के एशिया कप में शुरू हुआ था, जब भारतीय टीम ने राजनीतिक तनाव के कारण हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। इस बार भी भारत ने इस नीति को बरकरार रखा। यह एक ऐसा रवैया है जो खेल के बाहर के भावनात्मक तनाव को दर्शाता है — जिसे दोनों टीमें अब अपने अंदाज में समझ रही हैं।
कोलंबो के स्टेडियम में भारत की जीत का क्या महत्व है?
कोलंबो में पिछले तीन टी20 विश्व कप मैचों में से हर एक में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीत गई। इस बार भी भारत ने बल्लेबाजी करके जीत दर्ज की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह स्टेडियम बल्लेबाजी के लिए अनुकूल है। यह भविष्य के मैचों के लिए एक अहम रणनीति बन गया है।
भारत की टीम में अब कौन नए नेता हैं?
विराट कोहली और रोहित शर्मा के अनुपस्थिति के बाद, इशान किशन और सूर्यकुमार यादव ने अपनी बल्लेबाजी से नेतृत्व का रोल निभाया है। हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में योगदान दिया। यह टीम अब एक नए नेतृत्व के युग की ओर बढ़ रही है — जहां नाम नहीं, बल्कि प्रदर्शन नेता बनाता है।
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