बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रेखा के करियर की शुरुआती फिल्म अंजाना सफर में एक ऐसा विवादित सीन था, जिसने न केवल उनकी जिंदगी बदल दी, बल्कि पूरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी। हाल ही में सामने आए रिपोर्ट्स और पत्रकारों के बयानों से यह बात फिर से सार्वजनिक चर्चा में आ गई है कि कैसे 15 साल की उम्र में रेखा को बिना उनकी सहमति के लंबे समय तक किस किया गया था। यह घटना सिर्फ एक फिल्म का सीन नहीं थी, बल्कि उस दौर में इंडस्ट्री में मौजूद शोषण और नैतिकता के संकट की झलक थी।
29 जून 2026 को आजतक जैसे प्रमुख मीडिया हाउसों ने इस पुरानी लेकिन दर्दनाक घटना पर नया रोशनी डाली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब रेखा चेन्नई से मुंबई आई थीं, तो वे बिल्कुल नई थीं। उस वक्त उनके सह-कलाकार विश्वजीत, जो उस समय 32 साल के थे, ने निर्देशक राजा नवाथे के आदेश पर उन्हें जबरन किस किया। वरिष्ठ फिल्म पत्रकार ज्योति वेंकटेश का कहना है कि यह कोई एक्सीडेंट नहीं, बल्कि एक 'प्लान्ड पब्लिसिटी स्टंट' था।
घटना की पूरी तस्वीर: क्या हुआ था शूटिंग सेट पर?
बात वापस 1968 की है। तब रेखा की उम्र सिर्फ 15 साल थी। वे नैरोबी स्थित व्यापारी कुलजीत पाल द्वारा साइन की गई थीं, जिन्होंने उन्हें चेन्नई के जेमिनाई स्टूडियो में देखा था। कुलजीत पाल ने रेखा को पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट दिया और उन्हें 'अंजाना सफर' में कास्ट किया।
शूटिंग के दौरान एक रोमांटिक गाने के दृश्य की तैयारी हो रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्देशक राजा नवाथे ने शूट शुरू होने से ठीक पहले विश्वजीत के कान में फुसफुसाकर कहा कि उन्हें अपनी को-स्टार को 'लिप-टू-लिप' किस करना है। जब विश्वजीत ने हिचकिचाते हुए पूछा कि क्या वे गाल पर किस कर सकते हैं, तो निर्देशक ने सख्ती से मना कर दिया और आदेश दिया कि किस होठों पर ही होना चाहिए।
जैसे ही 'एक्शन' का इशारा हुआ, विश्वजीत ने रेखा को पकड़ लिया और कैमरे के सामने लगभग पांच मिनट तक उनसे लगातार किस करते रहे। रेखा, जिन्हें इस योजना का कोई पता नहीं था, सदमे में थीं। उन्होंने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन विश्वजीत नहीं रुके। इस दौरान रेखा की आँखों से आँसू बह रहे थे और वे जोर-जोर से रोने लगीं। यूनिट के कई सदस्य असहज होते हुए सीटीयां मार रहे थे, लेकिन कोई हस्तक्षेप नहीं किया। अंत में, रेखा इतनी ट्राउमा में चली गईं कि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार वे बेहोश भी हो गईं, जिसके बाद उस दिन की शूटिंग रद्द कर दी गई।
निर्देशक और उत्पादक की भूमिका: क्या यह प्लान्ड था?
वरिष्ठ पत्रकार ज्योति वेंकटेश का दावा है कि यह घटना पूरी तरह से पूर्व-योजित थी। उनका मानना है कि निर्देशक राजा नवाथे और प्रोड्यूसर कुलजीत पाल ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा था ताकि फिल्म को मुफ्त प्रचार मिल सके। उस समय इंडस्ट्री में ऐसे 'स्कैंडल' को मार्केटिंग का एक हथियार समझा जाता था।
हिंदुस्तान टाइम्स की 23 मई 2025 की रिपोर्ट में रेखा की बायोग्राफी "Rekha: The Untold Story" का हवाला देते हुए बताया गया है कि रेखा को लगा कि वे धोखे का शिकार हुईं। वहीं, विश्वजीत ने वर्षों तक यह बचाव किया कि वे सिर्फ निर्देशक के आदेश का पालन कर रहे थे। हालांकि, नए दस्तावेज़ों और इंटरव्यूओं से यह स्पष्ट होता है कि एक नाबालिग अभिनेत्री की भावनाओं की पूर्ण उपेक्षा की गई थी।
इस घटना का रेखा और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ा?
इस घटना का सबसे बड़ा शिकार रेखा का मानसिक स्वास्थ्य बना। बाद के वर्षों में उन्होंने कई बार खुलासा किया कि वे उस समय खुद को शोषित महसूस करती थीं। यह घटना उनके करियर की पहली बड़ी कंट्रोवर्सी बन गई। कहा जाता है कि इस विवादित सीन के कारण 'अंजाना सफर' फिल्म को दस वर्षों तक बैन कर दिया गया था, हालांकि बाद में उसे रिलीज किया गया।
इस मामले ने बॉलीवुड में सहमति (Consent) और नाबालिग कलाकारों की सुरक्षा के मुद्दों पर सवाल खड़े किए। आज के संदर्भ में, जब #MeToo मुहिम और काम के मैदान में सुरक्षा के नियम कड़े हुए हैं, तो यह घटना उस दौर की निराशाजनक वास्तविकता को उजागर करती है जहां निर्माता और निर्देशक कलाकारों के साथ मनमाना व्यवहार करते थे।
नई रिपोर्ट्स और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
नवंबर 2022 में YouTube पर जारी डॉक्यूमेंट्री स्टाइल वीडियो "REKHA UNTOLD | KISSING CRISIS OF BOLLYWOOD" ने इस मामले को फिर से रोशनी में लाया। इस वीडियो में दावा किया गया कि रेखा को यह जानकारी तक नहीं थी कि फिल्म में ऐसा कोई सीन शूट किया जाएगा। इसके अलावा, E24 जैसे मनोरंजन चैनलों ने 29 जून 2026 को इस घटना पर विशेष प्रसारण किया, जिसमें इसे 'बॉलीवुड का वह इंटिमेट सीन' बताया गया जिसने इंडस्ट्री में बवाल मचा दिया था।
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीव्र प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग अब इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उस समय रेखा की उम्र के हिसाब से यह कार्य कानूनी और नैतिक रूप से गलत था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसी घटना आज होती, तो संबंधित पार्टियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती।
Frequently Asked Questions
रेखा की उम्र कितनी थी जब यह घटना हुई?
घटना के समय रेखा की उम्र लगभग 15 वर्ष थी, जबकि उनके सह-कलाकार विश्वजीत 32 वर्ष के थे। यह उम्र का अंतर और रेखा की नाबालिग स्थिति इस घटना को और भी गंभीर बनाती है।
क्या रेखा को इस सीन के बारे में पहले से पता था?
नहीं, रिपोर्ट्स और रेखा की बायोग्राफी के अनुसार, उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि फिल्म में लिप-टू-लिप किसिंग का सीन शूट किया जाएगा। यह निर्देशक और अभिनेता की ओर से एक अनपेक्षित और जबरन किया गया कदम था।
विश्वजीत ने इस घटना के लिए क्या बचाव किया?
विश्वजीत ने वर्षों तक यह तर्क दिया कि वे केवल निर्देशक राजा नवाथे के आदेश का पालन कर रहे थे। उन्होंने इसे एक हल्के-फुल्के माहौल में टालने की कोशिश की, लेकिन नए सबूतों से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने रेखा के विरोध की उपेक्षा की।
इस घटना का फिल्म 'अंजाना सफर' पर क्या असर पड़ा?
इस विवादित सीन के कारण फिल्म 'अंजाना सफर' को दस वर्षों तक बैन कर दिया गया था। हालांकि, बाद में फिल्म रिलीज हुई, लेकिन यह घटना रेखा के करियर की एक बड़ी कंट्रोवर्सी बन गई और इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बनी रही।
कौन सा व्यक्ति इस 'पब्लिसिटी स्टंट' के पीछे मुख्य आरोपी है?
वरिष्ठ पत्रकार ज्योति वेंकटेश के अनुसार, निर्देशक राजा नवाथे इस प्लान्ड पब्लिसिटी स्टंट के मुख्य सूत्रधार थे। उन्होंने जानबूझकर विवाद पैदा करने के लिए यह योजना बनाई थी, जिसमें प्रोड्यूसर कुलजीत पाल और अभिनेता विश्वजीत भी शामिल थे।
टिप्पणि
ये तो बिल्कुल सच है कि उस दौर में इंडस्ट्री का माहौल जंगली था। वो दिग्गज निर्देशक और प्रोड्यूसर सोचते थे कि वे भगवान हैं और उनके आदेशों का विरोध करना पाप है। रेखा जी के साथ जो हुआ, वह सिर्फ एक किस्स नहीं था, बल्कि एक नारी की इज्जत पर काला धब्बा था। आज के समय में अगर कोई ऐसा करेगा तो उसे फांसी मिलेगी, लेकिन तब सब चुप बैठे देखते रहे। यह शर्मनाक बात है कि कैसे एक नाबालिग लड़की को शोषित किया गया।
मेरा मानना है कि हमें इस घटना को संदर्भ में देखना चाहिए। 1960 के दशक में सामाजिक मूल्य अलग थे। फिर भी, सहमति (consent) का मुद्दा हर时代 में महत्वपूर्ण रहा है। रेखा जी ने अपनी चुप्पी तोड़ी नहीं, बल्कि उन्होंने अपने करियर को बनाए रखने के लिए यह पीड़ा झेली। यह उनकी ताकत थी या कमजोरी? यह प्रश्न आज भी प्रासंगिक है।
हाँ,, यह वास्तव में एक बहुत ही गंभीर मामला है।। मेरे ख्याल से उस समय के फिल्म निर्माताओं को समझ में नहीं आता था कि एक महिला कलाकार के साथ सम्मानजनक व्यवहार क्यों जरूरी है।। रेखा जी ने बाद में कई फिल्मों में अपने अभिनय से सबको चुप करा दिया।। उनका संघर्ष सराहनीय है।।
सुना है कि विश्वजीत साहब को भी पछतावा हो गया था बाद में। लेकिन क्षमा करना और भुला देना दो अलग चीजें हैं।
रेखा जी की आँखों में जो दर्द था, वह कैमरे पर कैद हो गया था। लोग कहते हैं कि दुनिया बदल गई है, लेकिन क्या सच में बदल गई है? अभी भी स्टारडाम के चक्कर में कई लड़कियां शोषण का शिकार होती हैं। यह लेख पढ़कर दिल दहल जाता है। उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं अब कभी न हों।
आप लोग इसे 'शोषण' कह रहे हैं, लेकिन मैं इसे 'उद्योग की आवश्यकता' कहूंगा। उस समय फिल्में बेचने के लिए स्кан्डल जरूरी थे। अगर रेखा जी को पता होता, तो शायद वे मना कर देतीं और फिल्म फ्लॉप होती। राजा नवाथे एक दिग्गज थे, उनका निर्णय अंतिम था। यह इतिहास का हिस्सा है, हमें इससे सीख लेनी चाहिए कि अब ऐसे तरीके काम नहीं करते।
मुझे लगता है कि यह लेख बहुत ही सटीक जानकारी प्रस्तुत करता है। जब हम किसी व्यक्ति के जीवन की निजी बातों को सार्वजनिक रूप से चर्चा का विषय बनाते हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारा उद्देश्य शिक्षाप्रद हो। रेखा जी के अनुभव से हमें यह सीख मिलती है कि शक्ति का दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है। यह एक गहरा मनोवैज्ञानिक ट्राuma था जिसका असर उनके पूरे जीवन पर पड़ा।
वाह! क्या बात है 🤯 रेखा जी ने इतना सब झेल लिया और फिर भी ऊपर रहे। ये ही तो असली स्ट्रॉंग वुमन हैं 💪 आज के दिनों में थोड़ा सा झगड़ा होता है तो लोग डिप्रेशन में चले जाते हैं। इनकी हिम्मत देखकर सिर झुक जाता है। जय हिंद! 🇮🇳
अरे भाई, ये सब पुरानी बातें हैं। तुम लोग हर पुरानी घटना को लेकर रो-रो कर के क्या करोगे? वो समय था, अब नहीं है। रेखा जी खुद को सजा रही हैं और हम लोग यहाँ कमेंट करके उन्हें और ज्यादा एक्सपोज कर रहे हैं। यह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है कि हम अपनी ही मिसालों को तोड़-तोड़ कर दिखाते हैं।
मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि यह सचमुच प्लान्ड था 😔। क्या आप लोगों का मानना है कि आज भी ऐसे मामले छिपे हुए हैं? मुझे लगता है कि #MeToo आंदोलन ने बहुत कुछ बदला है, लेकिन क्या पूरी तरह से बदला है? 🤔
देखो ये तो बहुत बड़ा ड्रामा है। राजा नवाथे को क्या मिला उससे? सिर्फ नाम? आज उसका नाम कचरे के ढेर में है। रेखा जी आज भी लाइफ ऑफ द पार्टी हैं। जिंदगी में रिजल्ट मायने रखता है। बाकी सब हवा में उड़ गया।
यह लेख पढ़कर मुझे भारी अपमानित महसूस हो रहा है क्योंकि यह हमारे भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। हालांकि, यह सत्य है कि उस समय के निर्माता बहुत ही क्रूर थे। रेखा जी जैसे दिव्य रूपा वाली महिला के साथ ऐसा व्यवहार करना अपराध है। हमें ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करना चाहिए। यह हमारी संस्कृति की नींव को हिला देने वाला मामला है।
आप सभी की राय से सहमत हूं कि यह एक गलत कदम था। लेकिन क्या हम इससे यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि उस समय की पूरी पीढ़ी खराब थी? नहीं। यह एक विशेष मामले में विशेष लोगों का दुरुपयोग था। हमें इतिहास को बिना पूर्वाग्रह के देखना चाहिए।
mere khayal se rekhaji bahut strong thi. unhone ye sab jhel liya aur fir bhi apna career banaya. ye sach mein prashansaniya hai. humein bhi inse seekh leni chahiye ki kaise musibaton ka samna karna hai.
शांत बैठकर सोचिए। क्या यह सचमुच पब्लिसिटी स्टंट था? या फिर यह उस समय के सामाजिक ढांचे की कमजोरी थी? जब तक हम समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान नहीं लाएंगे, ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
यह तो बहुत ही दुखद सच है 😭। रेखा जी के साथ जो हुआ, वह अपराध है। आज के युवाओं को यह पढ़ना चाहिए ताकि वे समझ सकें कि सहमति क्यों जरूरी है। ये लोग जो आज कहते हैं कि 'ना मतलब ना', उनको उस समय का दर्द नहीं था। 🚫✋
हमें इस घटना से सीख लेनी चाहिए कि शक्ति का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। रेखा जी ने अपनी मौनता बरकरार रखी और अपना काम किया। यह उनकी बुद्धिमत्ता थी। आज के समय में हमें ऐसे मामलों में तेजी से कार्यवाही करनी चाहिए।
अरे यार, ये सब पुरानी बातें हैं। तुम लोग हर पुरानी घटना को लेकर रो-रो कर के क्या करोगे? वो समय था, अब नहीं है। रेखा जी खुद को सजा रही हैं और हम लोग यहाँ कमेंट करके उन्हें और ज्यादा एक्सपोज कर रहे हैं। यह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है कि हम अपनी ही मिसालों को तोड़-तोड़ कर दिखाते हैं। 😡