महिलाओं का स्वास्थ्य — रोज़मर्रा की देखभाल और जरूरी बातें
क्या आप अपनी स्वास्थ्य रूटीन में छोटे-छोटे बदलाव कर सकती हैं जो बड़ी सुरक्षा दें? महिलाओं के शरीर में उम्र के साथ बदलाव आते हैं और सही समझ-बूझ से आप कई समस्याओं को रोक सकती हैं। यहां सीधे, उपयोगी और आजमाये जा सकने वाले सुझाव दिए जा रहे हैं।
सबसे पहले, अपनी नींद, खाने और मूवमेंट पर ध्यान दें। रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद, हर दिन हल्की-तीव्रता वाली एक्टिविटी (जैसे तेज़ चलना, स्ट्रेचिंग, योग) और संतुलित आहार—ये तीनों बेसिक लेकिन सबसे असरदार चीजें हैं।
रूटीन चेकअप और स्क्रीनिंग
हर उम्र के लिए कुछ बेसिक चेकअप ज़रूरी हैं: सालाना सामान्य स्वास्थ्य जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल। महिलाओं के लिए विशेष स्क्रीनिंग भी हैं—पैप स्मीयर/सीर्विकल स्क्रीनिंग, ब्रेस्ट सेल्फ-चेक और डॉक्टर की सलाह पर मैमोग्राम। डॉक्टर से पूछें कि कब कौन-सी स्क्रीनिंग शुरू करनी है, क्योंकि उम्र और पारिवारिक इतिहास से समय बदल सकता है।
अगर आप गर्भवती हैं या गर्भधारण की योजना बना रही हैं, तो प्री-कंसेप्शन चेक, फोलिक एसिड और नियमित ANC विज़िट जरूरी हैं। HPV वैक्सीन के बारे में भी डॉक्टर से चर्चा करें—यह सर्वाइकल कैंसर के खतरों को कम करती है।
आम समस्याएँ और क्या करें
मासिक धर्म संबंधी समस्याएँ, जैसे तीव्र दर्द, अनियमित पीरियड या असामान्य रक्तस्राव, अनदेखी न करें। पीरियड कैलेंडर रखें और बड़े बदलाव पर डॉक्टर से मिलें।
अनाemia (लौह की कमी) सामान्य है—विशेषकर प्रेग्नेंसी और लगातार मासिकधर्म में। लोहे से भरपूर आहार (पालक, दालें, बीन्स, अंडे) और डॉक्टर द्वारा बतायी दवाइयां मदद करती हैं।
ब्रेस्ट में गांठ, छाती का दर्द, अचानक वजन घटना या बढ़ना, लगातार थकान, लगातार बुखार या ज्यादा दर्द—ये सभी चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखें तो देरी न करें, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
मेंटल हेल्थ को भी साथ रखें। पोस्टपार्टम डिप्रेशन, चिंता और तनाव आम हैं। थकान या उदासी लगातार कई हफ्ते रहे तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें। छोटे ब्रेक, नींद और सोशल सपोर्ट बड़ा फर्क डालते हैं।
कॉन्ट्रासेप्शन और फैमिली प्लानिंग पर खुलकर डॉक्टर से बात करें—पिल, IUD, कंडोम या स्थायी विकल्पों में से कौन सा आपके लिए सही है, यह आपकी उम्र, योजना और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
छोटे व्यवहार बड़े फर्क लाते हैं: पानी भरपूर पिएं, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें, नियमित व्यायाम करें और सालाना चेकअप को अनदेखा न करें। अपनी मेडिकल रिकॉर्ड, दवाइयों और किसी भी लैब रिपोर्ट को संभाल कर रखें—यह डॉक्टर के निर्णय में मदद करेगा।
अगर किसी खास लक्षण पर संदेह है तो घरेलू नुस्खे पर निर्भर न रहें—डॉक्टर से जांच कराएँ। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें; छोटी समस्याएँ समय पर पकड़ी जाएं तो आसानी से संभल जाती हैं।
भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री हीना खान को तीसरे चरण का ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। इस समाचार ने भारत में युवा महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों पर ध्यान आकर्षित किया है। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है और इसका 28.2% प्रकार का की स्त्रियों में पाया जाता है। जल्दी पहचान और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने से जोखिम को कम किया जा सकता है।
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