मुक्त व्यापार समझौता (FTA) — सरल भाषा में जानें क्या बदलता है
मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA एक ऐसा करार है जिसमें दो या अधिक देशों ने आपसी शुल्क और कुछ नियमों को कम कर दिया होता है ताकि सामान और सेवाएँ आसानी से एक देश से दूसरे देश जाएं। आप खुद व्यापारी हों, उपभोक्ता या नौकरी की तलाश में हों — FTA का असर कहीं न कहीं आपको भी छुएगा।
भारत के उदाहरण देखें तो भारत-ASEAN, भारत-जापान CEPA और भारत-सिंगापुर जैसे समझौते लागू हैं। इन समझौतों से कुछ सेक्टरों को फायदा मिलता है और कुछ पर दबाव बढ़ता है।
किसे फायदा होता है और किसे खतरा?
सीधा लाभ: एक्सपोर्टर और उपभोक्ता। टैक्स कम होने पर भारतीय उत्पाद विदेश में सस्ते बनते हैं और आयात cheaper होने पर आप को दाम कम दिख सकते हैं। उदाहरण के लिए, कपड़ा निर्यातक को टैरिफ छूट मिलने पर विदेशी मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना आसान होता है।
जो चिंतित हो सकते हैं: घरेलू संवेदनशील उद्योग और छोटे व्यवसाय। अगर विदेश से सस्ता माल आ जाएगा तो कुछ घरेलू निर्माता दबाव में आ सकते हैं और उत्पादन शिफ्ट करना पड़ेगा। कृषि और कुछ विनिर्माण सेक्टर अक्सर संवेदनशील रहते हैं।
व्यवसाय के लिए व्यावहारिक टिप्स — कैसे उपयोग करें
अगर आप व्यवसायी हैं तो FTA से सीधा फायदा कैसे उठाएं — कुछ आसान कदम हैं:
- पहले टैरिफ शेड्यूल और नियम पढ़ें: हर FTA का एक सूची (tariff schedule) होता है, देखें आपके HS कोड पर क्या छूट मिल रही है।
- Rules of Origin समझें: यह जानना जरूरी है कि आपका माल किस शर्तों पर ‘मेड इन’ माना जाएगा और कागजात कैसे चाहिए।
- Certificate of Origin और कस्टम्स डॉक्यूमेंट तैयार रखें: सही कागजी कार्रवाई से आपको छूट मिल सकती है।
- बाजार रिसर्च करें: जहाँ छूट मिलती है, वहाँ की मांग, प्रतियोगी दाम और लॉजिस्टिक्स का खर्च देखें।
- सरकारी मदद लें: एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, डीजीएफटी जैसी संस्थाएँ मार्गदर्शन देती हैं।
छोटे व्यवसायों के लिए सुझाव — निचले कीमत पर सीधे मुकाबला न करें। विनिर्माण में वैल्यु-एड जोड़ें, ब्रांडिंग करें और निश्चय करें कि लागत-लाभ साफ है।
अंत में, FTA अवसर और जोखिम दोनों लाते हैं। इसका असर क्षेत्र, कंपनी की मजबूती और सरकार की संरक्षण नीतियों पर निर्भर करता है। अगर आप व्यापारी हैं तो नियम समझकर कदम उठाइए; उपभोक्ता हैं तो सस्ते विकल्प मिल सकते हैं पर लोकल उद्योग की मजबूती भी देखें। ब्रांड समाचार पर हम ऐसे ही सरल टिप्स और ताज़ा खबरें लाते रहते हैं।
रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मौंटुरोव के अनुसार, रूस भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के लिए प्रतिबद्ध है। यह घोषणा उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर आयोजित 25वीं बैठक में की। इस समझौते से दोनों देशों के बीच बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों को संतुलित करने और वर्तमान व्यापार घाटे को कम करने की उम्मीद है।
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