नींद प्रशिक्षण: आसान तरीके और रोज़मर्रा की टिप्स
क्या हर रात बार-बार उठने से आप थक चुके हैं? नींद प्रशिक्षण (sleep training) से आप और बच्चा दोनों बेहतर नींद पा सकते हैं। यहां सीधे और असरदार तरीके दिए गए हैं जिन्हें घर पर आसानी से अपनाया जा सकता है।
सबसे पहले जान लें कि नींद प्रशिक्षण क्या है: यह बच्चे को खुद सोने की आदत डालने में मदद करता है ताकि वे बिस्तर पर आते ही ठीक से सो सकें। यह अचानक इलाज नहीं, बल्कि किस्म-किस्म के तरीकों और धैर्य से मिलने वाला बदलाव है।
किस उम्र में शुरू करें?
आम तौर पर 4–6 महीने के बाद कई बच्चों में नींद प्रशिक्षण सफल रहता है क्योंकि तब उनका दिन-रात का स्लीप-पैटर्न थोड़ा स्थिर होना शुरू होता है। नवजात (0–3 महीने) के लिए सख्त प्रशिक्षण नहीं सुझाया जाता। यदि बच्चा प्रीटर्म है या कोई मेडिकल समस्या है तो पहले पेडियाट्रिशियन से बात कर लें। संकेत कि बच्चा तैयार हो सकता है: रात में लंबे समय तक सोना शुरू होना, दिन में कम बार दूध की आवश्यकता, और रात में लगातार 2–3 घंटे की अवधि तक सो पाना।
प्रमुख तरीके और कैसे अपनाएँ
1) रूटीन बनाएँ: हर रात एक ही समय पर स्नान, हल्का खाना, किताब पढ़ना या लोरी और गुनगुना संगीत रखें। 15–30 मिनट का शांत रूटीन बच्चे को सुलाने में बहुत मदद करता है।
2) बिस्तर पर "आधी-उथली" स्थिति: बच्चे को तब बिस्तर पर रखें जब वह सुस्त या थोड़ा नींद में हो, पर पूरी तरह सो न गया हो। इससे वह सीखता है कि खुद से सोना है।
3) स्लीप हाइजीन: कमरे को अँधेरा रखें, हल्का व्हाइट नॉइज़ रखें (अगर पसंद हो), तापमान आरामदायक रखें और स्क्रीन/तेज़ रोशनी से दूरी बनाए रखें।
4) तरीके चुनना: ग्रैजुअल फेड-आउट (धीरे-धीरे सहारा कम करना), कंट्रोल्ड रोना (थोड़ी देर के लिए रोने दें और इंटरवल पर सांत्वना दें) या फर्म-रूटीन—जो आपको और बच्चे को सूट करे, वही अपनाएं। हर तरीका 1–2 हफ्ते में असर दिखाने लगता है।
5) दिन की नींद और खिलाने का तालमेल: दिन में बहुत देर तक लंबी नींद रात को खराब कर सकती है। दिन के तीन शेड्यूल्ड नेप और रात की फीडिंग धीरे-धीरे घटाएँ (यदि डॉक्टर ने अनुमति दी हो)।
आम गलतियाँ जिनसे बचें: हर बार बच्चे को उठाते ही तुरंत उठाना; बेकार की अनिश्चित दिनचर्या; रात में तेज रोशनी या फोन का उपयोग; और बहुत जल्दी तरीका बदल देना। ये सब प्रगति रोकते हैं।
कितनी देर लगेगी? धैर्य रखें। सामान्यतः 1–3 हफ्ते में सुधार दिखने लगता है, पर कुछ बच्चों को ज्यादा समय भी लग सकता है। प्रगति रिकॉर्ड करें—नींद का टाइम, कितनी बार उठता है—ताकि आप बदलाव देख सकें।
कब डॉक्टर से मिलें: यदि रोना असामान्य, वजन घट रहा हो, साँस में परेशानी हो या दिन में अत्यधिक सुस्ती हो तो तुरंत पेडियाट्रिशियन से संपर्क करें। नींद समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो निद्रा विशेषज्ञ से सलाह लें।
छोटी-छोटी आदतें बदलकर आप घर का माहौल शांत बना सकते हैं और बच्चे को स्वस्थ नींद दे सकते हैं। शुरू करने से पहले आसान लक्ष्य रखें, एक तरीका कम से कम 7–14 दिन अपनाएँ और जरूरत पड़ी तो प्रोफेशनल मदद लें।
दाइसुके हॉरी, जापान के ह्योगो प्रांत के 40 वर्षीय उद्यमी, पिछले 12 वर्षों से रोजाना केवल 30 मिनट की नींद लेने का दावा करते हैं। हॉरी के अनुसार, यह असामान्य नींद दिनचर्या उन्हें जागने के घंटों को 'दो गुना' करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करती है। उन्होंने 2016 में जापान शॉर्ट स्लीपर्स ट्रेनिंग एसोसिएशन की स्थापना की, जहाँ वे नींद प्रबंधन और स्वास्थ्य पर कोर्स संचालित करते हैं।
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