ब्रेस्ट कैंसर — तुरंत समझें क्या देखना है और आगे क्या करना चाहिए

अगर आप या आपका कोई करीबी स्तन में गांठ, त्वचा पर बदलाव या निपल से असामान्य स्राव देखे तो परेशान होना स्वाभाविक है। हर गांठ कैंसर नहीं होती, पर समय पर पहचान और जाँच से इलाज सस्ता और असरदार होता है। यहां आसान भाषा में बताता/बताती हूँ कि किन लक्षणों पर ध्यान दें, कौन-कौन सी जाँच होती है और रोजमर्रा की आदतों से क्या बचाव संभव है।

ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण

सबसे आम संकेत ये हैं: स्तन या बगल में नई गांठ या जमा, निपल से खून या स्राव आना, स्तन की त्वचा पर सूजन, ऊतकों का गड्ढा पड़ना, निपल का अंदर की तरफ धंस जाना, या किसी हिस्से का आकार/आकार बदलना। दर्द हमेशा लक्षण नहीं होता — कई बार बिना दर्द के भी कैंसर मिल सकता है। अगर कोई नया बदलाव 2-3 हफ्ते में ठीक ना हो तो डॉक्टर से मिलें।

आप घर पर महीने में एक बार आत्म-जांच कर सकते हैं — नहाने के बाद आइना सामने रखकर दोनों स्तनों का आकार और त्वचा देखें, फिर उंगलियों की पैरों की मदद से हल्के दबाव से पूरे स्तन और बगल की जांच करें। किसी भी असमानता पर नालिकों और त्वचा पर ध्यान दें। आत्म-जांच से आप अपने शरीर को पहचानती/पहचानते हैं और नए बदलाव जल्दी पकड़ पाती/पाते हैं।

जाँच और इलाज — क्या उम्मीद रखें

डॉक्टर आमतौर पर शारीरिक जांच के बाद इमेजिंग की सलाह देंगे: मैमोग्राफी सबसे सामान्य स्कैन है। 40 साल से ऊपर महिलाओं के लिए नियमित मैमोग्राफी की सलाह अक्सर दी जाती है — हर साल या हर 2 साल पर, डॉक्टर से मिलकर तय करें। जवान महिलाओं में अल्ट्रासाउंड पहले विकल्प होता है। अगर जरूरत पड़े तो बायोप्सी कर के कोशिकाओं की जांच होती है।

इलाज में कई विकल्प हैं: सर्जरी (गांठ निकालना), रेडिएशन, कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी। इलाज का चुनाव ट्यूमर के आकार, प्रकार, स्टेज और आपकी सेहत के आधार पर होता है। डॉक्टर आपकी टीम में सर्जन, मेडीकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन स्पेशलिस्ट शामिल होंगे।

जो लोग परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास रखते हैं या BRCA जैसी जेनेटिक मुटेशन होती है, उन्हें जेनेटिक काउंसलिंग और अधिक निगरानी की जरूरत हो सकती है।

रोकथाम के उपाय सरल हैं: शराब सीमित करें, वज़न नियंत्रित रखें, नियमित व्यायाम करें और संभव हो तो बच्चे होने के बाद स्तनपान कराएं — इससे जोखिम घट सकता है। स्मोकिंग और अत्यधिक प्रोसेस्ड फ़ूड से बचें।

अगर आपको कोई संशय है तो देर मत कीजिए — शुरुआती जाँच, सही निदान और समय पर इलाज से नतीजे बेहतर होते हैं। सहारा चाहिए तो अस्पतालों के कैंसर सपोर्ट ग्रुप, काउंसलर और मरीज सहयोग संगठन मदद देते हैं। आपके सवाल हों तो डॉक्टर से खुलकर बात करें और दूसरी राय लेने में हिचकिचाएं मत।

हीना खान को हुआ ब्रेस्ट कैंसर: खतरे और बढ़ते मामलों की गहरी समझ

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भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री हीना खान को तीसरे चरण का ब्रेस्ट कैंसर हुआ है। इस समाचार ने भारत में युवा महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों पर ध्यान आकर्षित किया है। ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है और इसका 28.2% प्रकार का की स्त्रियों में पाया जाता है। जल्दी पहचान और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने से जोखिम को कम किया जा सकता है।

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