CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन) — सरल भाषा में समझें

CBI देश की सबसे बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसी है। आम तौर पर यह भ्रष्टाचार, बड़े आर्थिक अपराध और संवेदनशील मामलों की जांच करती है। सीधे लिखें: अगर मामला राज्य सीमा, केंद्रीय कर्मचारी, भारी आर्थिक घोटाला या सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट का आदेश है — तब CBI शामिल हो सकती है।

बहुत से लोग सोचते हैं कि CBI हर केस देखेगी, पर ऐसा नहीं है। CBI तभी जांच शुरू करती है जब राज्य सरकार अनुमति दे, केंद्र का निर्देश हो, या अदालत ने भेजा हो। इसलिए पहले यह जानना जरूरी है कि आपका मामला CBI के दायरे में आता है या नहीं।

CBI से शिकायत कैसे दर्ज कराएं — आसान कदम

शिकायत करने का सबसे साफ तरीका यही है: 1) अपने केस के सबूत इकट्ठा करें — दस्तावेज, फोटो, बैंक स्टेटमेंट, शिकायत की तारीख व स्थान। 2) लिखित शिकायत तैयार करें। शिकायत में स्पष्ट तथ्यों और उपलब्ध सबूतों का जिक्र रखें। 3) शिकायत CBI की वेबसाइट (https://cbi.gov.in) पर ऑनलाइन पोर्टल से करें या नजदीकी CBI कार्यालय में दर्ज कराएं। 4) अगर राज्य सरकार पहले से जांच नहीं करा रही है तो राज्य के प्रशासनिक चैनल पर भी शिकायत कर सकते हैं ताकि रिफर किया जा सके।

याद रखें: किसी एजेंट या दावे वाले बिचौलिये पर भरोसा मत करें जो पैसों के बदले तेज नतीजे का वादा करे। CBI में पैसा देकर केस नहीं चलता।

क्या-किस मामले में CBI करती है और क्या नहीं

CBI सामान्य अपराध (छोटी चोरी, घरेलू विवाद) नहीं देखती। यह निम्न प्रकार के मामलों में आती है: केंद्रीय अधिकारी का भ्रष्टाचार, बैंक धोखाधड़ी बड़े पैमाने पर, अंतर-राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मामलों, और वे केस जिन पर उच्च न्यायालय/सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया हो।

CBI केस लंबा चल सकता है। जांच में सबूत जुटाना, समन जारी करना और अदालत में दस्तावेज जमा करना समय लेता है। इसलिए धैर्य रखें और अपनी कॉपी रखें — शिकायत की रसीद, संदर्भ नंबर और जारी लिखित संचार संभाल कर रखें।

कुछ प्रैक्टिकल टिप्स: शिकायत करते समय तारीखें और रकम स्पष्ट लिखें। बैंक से नॉमिनेटेड स्टेटमेंट और पत्रावली की कॉपियाँ जोड़ें। जिन लोगों से जुड़े दस्तावेज हैं उनकी पहचान और पता जरूर दें। अगर न्यायालय से निर्देश मिला है तो उसकी प्रति भी संलग्न करें।

आखिर में एक बात याद रखें: दोष साबित करना अदालत का काम है, CBI की जिम्मेदारी जांच करना है। आप सक्रिय रहें, समय-समय पर CBI से केस का स्टेटस मांगें और किसी भी नए सबूत को तुरंत जमा कर दें।

अगर और मदद चाहिए तो बताइए — मैं बताऊंगा कि आपकी स्थिति में अगला व्यावहारिक कदम क्या हो सकता है।

दिल्ली शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी, हिरासत पर कोर्ट का फैसला आज

दिल्ली शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी, हिरासत पर कोर्ट का फैसला आज

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बुधवार सुबह दिल्ली शराब घोटाले के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया। CBI ने केजरीवाल की 5 दिन की हिरासत की मांग की है। अदालत ने लगभग चार घंटे बहस सुनी और फैसला सुरक्षित रख लिया, जो शाम 4:30 बजे घोषित किया जाएगा। सुनवाई के दौरान, केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने डिप्टी मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया।

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