National Center for Seismology: भूकंप अलर्ट और आपकी सुरक्षा

National Center for Seismology (NCS) भूकंपों को मॉनिटर करता है और ताज़ा अलर्ट जारी करता है। आपमें से कई लोग सोचते हैं कि भूकंप अचानक आते हैं और कुछ नहीं कर सकते। असल में तैयारी से जोखिम बहुत घटता है। नीचे सीधे और उपयोगी बातें बताई जा रही हैं जो तुरंत काम आएँगी।

NCS क्या करता है और अलर्ट कैसे मिलते हैं

NCS देशभर में सीसमोमीटर और नेटवर्क से जमीन की हर हलचल को रिकॉर्ड करता है। जब कोई झटका दर्ज होता है, NCS उसकी तीव्रता, गहरा और केंद्र का स्थान पता कर अलर्ट जारी करता है। ये अलर्ट आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी सोशल मीडिया और कुछ समय पर मोबाइल एप के जरिए मिलते हैं। तेज झटके आने पर स्थानीय प्रशासन भी चेतावनी दे सकता है।

अलर्ट मिलने पर घबराना छोड़िए और योजना को अपनाइए। याद रखें: समय पर सही कदम सबसे बड़ा फर्क लाता है।

हॉट टिप्स: भूकंप से पहले, दौरान और बाद क्या करें

भूकंप से पहले — घर में कमजोर चीज़ों को पक्का करें। भारी आलमारी को दीवार से बाँध दें, शीशे और सजावट को सुरक्षित जगह रखें। आपातकालीन किट तैयार रखें: पानी, पीन, मोबाइल चार्जर, कुछ दवाइयाँ और आधारभूत सामान। एक परिवार प्लान बनाइए: मिलन स्थान और फुल संपर्क नंबर तय करें।

भूकंप के दौरान — अगर अंदर हैं तो "Drop, Cover, Hold On" अपनाएँ: जमीन पर झुकें, किसी मजबूत मेज़ या टेबल के नीचे छिपें और पकड़े रहें। खिड़कियों से दूर रहें। अगर बाहर हैं तो खुली जगह पर रहें, बिजली के पोल और इमारतों से दूर जाएँ। गाड़ी चला रहे हों तो धीमा होकर किनारे रुकें और बाहर उतरकर खुली जगह पर रहें।

भूकंप के बाद — Aftershocks आते हैं, सतर्क रहें। क्षतिग्रस्त बिल्डिंग में वापस न जाएँ जब तक निरीक्षण न हो। चोट लगने पर प्राथमिक उपचार दें और जरुरी हो तो नजदीकी अस्पताल जाएँ। गैस, बिजली और पानी की आपूर्ति की जाँच करें; लीक लगे हों तो तुरंत बंद करें।

छोटा सा चेकलिस्ट: आपात किट, संपर्क सूची, घर में सुरक्षित जगहें और आस-पास खुली जगहें पहचान कर रखें। बच्चों और बुजुर्गों को प्लान समझाएँ — अभ्यास करना जरूरी है।

कैसे रहें अपडेटेड और रिपोर्ट करें — भूकंप के बारे में सटीक जानकारी के लिए NCS की आधिकारिक वेबसाइट और उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट चेक करें। यदि आपने झटका महसूस किया है तो स्थानीय रिपोर्ट डालना मददगार होता है; इससे NCS को झटकों का पैटर्न समझने में मदद मिलती है। खबरों और अफवाहों से बचें — सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

आख़िर में, तैयारी और जागरूकता ही सुरक्षा की कुंजी है। National Center for Seismology के अलर्ट को फॉलो करें, अपना आपात किट तैयार रखें और परिवार के साथ योजना बनाकर नियमित अभ्यास करते रहें। छोटे-छोटे कदम बड़े नुकसान से बचा सकते हैं।

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नेपाल में 4 अप्रैल 2025 को 5.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी महसूस हुआ। इस भूकंप का केंद्र जमीन से 20 किलोमीटर गहराई में था। अच्छी बात है कि कहीं से जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली। हाल ही में म्यांमार में बड़ा भूकंप आया था।

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