पूंजीगत लाभ टैक्स: आसान भाषा में समझें
क्या आपने कोई संपत्ति बेची और टैक्स कैसे लगेगा यह सोच रहे हैं? पूंजीगत लाभ टैक्स (Capital Gains Tax) ज्यादातर लोगों के लिए उलझा हुआ लगता है, लेकिन असल में इसे कुछ सटीक नियमों और सीधी गणना से समझ सकते हैं। नीचे सीधा-सा तरीका, उदाहरण और बचत के व्यावहारिक सुझाव दिए गए हैं।
कैसे गणना करें (स्टेप-बाय-स्टेप)
सबसे पहले जानें कि आपकी प्राप्ति Short-Term (अल्पकालिक) है या Long-Term (दीर्घकालिक). आम तौर पर: इक्विटी शेयर/इक्विटी म्यूचुअल फंड >12 महीने को लंबा माना जाता है; अचल संपत्ति और कुछ अन्य संपत्तियों के लिए होल्डिंग पीरियड अलग होता है—आधिकारिक नियम देख लें या CA से कन्फर्म कर लें।
गणना के मूल सूत्र आसान हैं:
- पूँजीगत लाभ = बिक्री मूल्य − (खरीद कीमत + विक्रय से जुड़े खर्च)
- यदि Long-Term है और आप Indexation का लाभ लेते हैं तो खरीद कीमत को CII के अनुसार adjust किया जाता है।
उदाहरण (सरल): आपने इक्विटी स्कीम 40,000 में खरीदी और 14 महीने बाद 1,50,000 में बिकी। यहाँ LTCG = 1,50,000 − 40,000 = 1,10,000. 2025 के नियमों के मुताबिक इक्विटी LTCG पर सालाना 1 लाख तक का लाभ टैक्स मुक्त रहेगा; शेष 10,000 पर 10% LTCG टैक्स = ₹1,000 (साथ में cess लागू होगा)।
यदि अल्पकालिक (STCG) है — जैसे इक्विटी 12 महीने से कम — तो STCG के लिए अलग दरें लागू होती हैं (इक्विटी पर अक्सर 15% + cess)। अन्य संपत्तियों के लिए दरें अलग होती हैं, इसलिए अपनी संपत्ति टाइप के अनुसार दर चेक करें।
मुख्य छूट, सेट-ऑफ और प्रैक्टिकल बचत के टिप्स
छूट जो अक्सर उपयोगी रहती हैं:
- सेक्शन 54: आवास बेचकर नया घर खरीदने पर पूंजीगत लाभ में विशेष छूट।
- सेक्शन 54F: किसी भी संपत्ति की बिक्री से मिली धनराशि को घर में लगाकर छूट।
- सेक्शन 54EC: पूंजीगत लाभ को NHAI/REC जैसे तय बॉण्ड में निवेश कर 50 लाख तक की छूट (निवेश 6 माह के भीतर, लॉक‑इन अवधि लागू)।
स्टेट-ऑफ नियम: Short-term loss को आप short-term और long-term दोनों लाभ में set off कर सकते हैं; long-term loss केवल long-term gain से set off होता है। यदि रिटर्न समय पर दायर करें तो 8 वर्षों तक losses carry forward कर सकते हैं।
प्रैक्टिकल टैक्स बचत सुझाव:
- अगर टैक्स बचाना है तो होल्डिंग पीरियड बढ़ा कर Long-Term में बदलें।
- 54/54F/54EC जैसी छूटों का प्लान पहले से रखें, खासकर बड़ी प्रॉपर्टी सेल पर।
- कैपिटल लॉस वाले साल में लाभ होने पर तुर्की से सेट‑ऑफ कर लें ताकि टैक्स बच सके।
डॉक्यूमेंट्स संभाल कर रखें: बिक्री‑कागजात, खरीद के कागजात, खर्च के बिल, बैंक‑प्रमाण, किसी भी पुनर्निवेश के प्रमाण। टैक्स रिटर्न में Schedule CG में सही विवरण भरें और अगर शंका हो तो CA से सलाह लें—छोटी गलती बड़ी दिक्कत कर सकती है।
अगर आप चाहें तो मैं आपकी स्थिति के हिसाब से एक सरल गणना उदाहरण बना कर दूँ—बताइए कौन सी संपत्ति बेची और कब खरीदी थी?
23 जुलाई, 2024 को सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से अधिक की गिरावट आई जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024 बजट में पूंजीगत लाभ टैक्स और फ्यूचर्स और ऑप्शन्स (F&O) ट्रेडिंग पर प्रतिभूति लेनदेन टैक्स (STT) बढ़ाया। इस फैसले से बाजार में व्यापक बिकवाली हुई और कई सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई।
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